शायर और कवि मक़बूल जायसी की स्मृति में आयोजित की गई नशिस्त
शिवबहादुर सिंह व दिलबर राय बरेलवी ने प्रस्तुत की नात
मकबूल जायसी साहब की जिंदगी पर डाली गई रौशनी
अमेठी। अमेठी जनपद के कस्बा जायस स्थिति ब्लासम्स इंटर कॉलेज जायस मे बज़्में सुख़न जायस की महाना नशिस्त को मक़बूल जायसी की स्म्रति दिवस के रूप में आयोजित किया गया।जिसकी सदारत फलक जायसी ने की।वही मेहमाने ख़ुसूसी आफाक़ सुलतानपुरी थे।नशिस्त की निज़ामत शमशुद्दीन अज़हर साहब ने की।कार्यक्रम को दो दौर के मे विभाजित किया गया।पहले दौर मे हसन जायसी ने मक़बूल जायसी का कहा हुआ हम्दे बारी प्रस्तुत किया।वही शिव बहादुर सिंह,दिलबर रायबरेलवी ने नात प्रस्तुत किया।

हम्द व नात के बाद मक़ालमे का दौर शुरू हुआ।जिसमे लईक़ अंसारी रायबरेलवी ने व मक़बूल जायसी के पुत्र लख़ते ग़दीर नक़वी ने मक़ालमे प्रस्तुत किए।हम्द,नात व मक़ालमे के बाद तमाम शोअरा ने अपने अपने कलाम प्रस्तुत किए कुछ शोअरा ने मक़बूल जायसी की याद में ताज़यती नज़्म भी प्रस्तुत किए।

जिन शोअरा ने कलाम प्रस्तुत किए उनमे आफाक़ सुलतानपुरी, शिव बहादुर सिंह दिलबर रायबरेलवी,लईक़ अंसारी रायबरेलवी, शब्बीर सूरी अमेठी,दानिश रायबरेलवी,अली हसन फलक जायसी, शमशुददीन,अज़हर रायबरेलवी, ज्ञानेन्द्र पांडे अमेठी,सलमान अब्बास, आग़ा जायसी,हसन अब्बास हसन जायसी,अबरार सिददीक़ी जायसी,इमरान ऐशी नसीराबादी,वहाबुद्दीन तनहा जायसी, क़ायम शब्बीर नसीराबादी, हफीज़ अमेठ़वी,सफीर मोहनगंज,अकबर मोहनगंज, मसूद रज़ा जायसी और मक़बूल जायसी के पुत्र अहमद हुसैन ने मक़बूल जायसी साहब का कलाम प्रस्तुत किया।अंत में मरहूम मक़बूल जायसी की दो पुस्तके नाते मक़बूल व ख़िज़रे हिदायत सभी को भेंट की गई।आग़ा जायसी व अराकीने बज़्मे सुख़न जायस ने सभी लोगो का शिरकत करने का शुक्रगुज़ार है।



