मौलाना अरशद मदनी के साथ एक प्रतिशत भी पसमांदा मुस्लिम नही वसीम राईन
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-अकरम खान
बाराबंकी। ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने जमीयत उलेमा ए हिंद के सदर मौलाना अरशद मदनी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि पसमांदा मुस्लिम एक प्रतिशत भी उनके साथ नहीं है। वह जानता है कि मौलाना एक गिरोह चला रहे हैं जिसका मकसद हमेशा वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करना रहा है। इन्हें केवल अशरफ से मोहब्बत है फिर पसमांदा इनके झांसे में क्यों आए।
उन्होंने जारी बयान में कहा है कि मौलाना अरशद मदनी ने खुद वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर खुद की हैसियत बना रखी है। दिल्ली में इनका कारोबार तो है ही अन्य राज्यों में भी वक्फ संपत्तियों को हासिल कर उन पर तमाम काम धंधे चल रहे हैं। यही नहीं मौलाना व इनके गिरोह का नेटवर्क देश भर में फैला हुआ है जहां यह और इनके कारकून करोड़ों में खेल रहे हैं। अब जबकि केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड को लेकर सुधार से जुड़ा बिल पेश किया तो मौलाना का सिंघासन हिल गया है और वह विरोध की भूमिका में आ गए हैं उन्हें आभास हो गया है कि नए सिरे से जांच हुई तो इनके काले कारनामे खुल जाएंगे।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि मौलाना के इस विरोध से पसमांदा मुस्लिम जरा भी इत्तेफाक नहीं रखता। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड हो या अरशद मदनी किसी ने पसमांदा मुस्लिम का किसी भी सूरत में साथ नहीं दिया। जब इस समाज को इनकी जरूरत पड़ी यह लोग बहुत दूर खड़े नजर आए। आज मदनी चाहते हैं कि पसमांदा उनका साथ दे तो यह असंभव है। उन्होंने हमेशा अशराफ के लिए सोचा और किया। अब वहीं उनके काम आएगा।
