भारत की आर्थिक प्रगति को रफ्तार देने के लिए प्रिंटिंग-पैकेजिंग इंडस्ट्री का महाकुंभ ग्रेटर नोएडा में आयोजित

ग्रेटर नोएडा। 4 फरवरी 2025-भारत की औद्योगिक तरक्की को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ 16वां प्रिंटपैक इंडिया ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में भव्य रूप से आरंभ हुआ। 01 से 05 फरवरी 2025 तक चलने वाले इस वैश्विक मेले में 52 देशों के प्रतिनिधि और 600 से अधिक कंपनियां अपने अत्याधुनिक उपकरणों और नवाचारों का प्रदर्शन कर रही हैं।इस प्रतिष्ठित आयोजन में इंडियन इंडस्ट्रीज चैंबर ऑफ ट्रस्ट के वाइस प्रेसिडेंट रिज़वान मुस्तफा,अंबर ग्रुप कंपनीज के चेयरमैन वफा अब्बास और अंबर पैकेजर्स के डायरेक्टर फिदा अब्बास ने विशेष रूप से भाग लिया।उन्होने कहाकि प्रिंटिंग और पैकेजिंग इंडस्ट्री भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक क्रांति को बल प्रदान कर रहा है।
आधुनिक तकनीकों का भव्य प्रदर्शन
प्रिंटपैक इंडिया 2025 में इन-प्रेस, पोस्ट-प्रेस, फिनिशिंग, कन्वर्टिंग, डिजिटल और साइनेज,पैकेजिंग मशीनरी,प्रिंटिंग एवं पब्लिशिंग,कागज उत्पाद,लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट उद्योग से जुड़े अत्याधुनिक उपकरणों और नवाचारों का लाइव प्रदर्शन किया जा रहा है।यह “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक ठोस कदम है, जिससे भारत की प्रिंटिंग और पैकेजिंग इंडस्ट्री को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की शक्ति मिलेगी।
आईपीएएमए की महत्वपूर्ण भूमिका
इस आयोजन का मुख्य आयोजक भारतीय मुद्रण पैकेजिंग और संबद्ध मशीनरी निर्माता संघ (IPAMA) है, जो 1988 से इस क्षेत्र में सक्रिय है। IPAMA, CII, FICCI, ASSOCHAM और FIEO जैसे शीर्ष औद्योगिक संगठनों के साथ मिलकर नीति निर्माण और भारत में निर्मित मशीनों के निर्यात को बढ़ावा देने तथा विदेशी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए काम कर रहा है।

भारत की आर्थिक ताकत को मजबूत कर रहा है यह उद्योग
रिज़वान मुस्तफा और वफा अब्बास ने इस अवसर पर कहा कि प्रिंटिंग और पैकेजिंग इंडस्ट्री भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन चुकी है। यह उद्योग न केवल लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करता है, बल्कि निर्यात बाजार में भारत को एक वैश्विक शक्ति बनाने की क्षमता रखता है।उन्होंने उद्योग से जुड़े स्टार्टअप्स और कंपनियों को प्रोत्साहित किया कि वे मेड इन इंडिया टेक्नोलॉजी को अपनाकर भारत को वैश्विक स्तर पर प्रिंटिंग और पैकेजिंग का हब बनाने में योगदान दें।प्रिंटपैक इंडिया 2025 न केवल भारत की प्रिंटिंग और पैकेजिंग इंडस्ट्री के लिए, बल्कि संपूर्ण औद्योगिक जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इस आयोजन के माध्यम से भारत आधुनिक तकनीकों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और नवाचार को अपनाकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
यह इवेंट “नया भारत – आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा, जो देश को एक औद्योगिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर करेगा।

