बाराबंकी। फर्जी कम्पनी के माध्यम से की 75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले पांच शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पासबुक,बाण्ड पेपर व दो अदद चार पहिया वाहन बरामद किया है।बीती 22 नवम्बर को वादिनी किरन वर्मा पुत्री स्व. सालिकराम वर्मा निवासिनी ग्राम बरोलिया थाना बदोसराय जनपद बाराबंकी द्वारा थाना बदोसराय पर तहरीर दिया गया कि द लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एलयूसीसी) नामक फर्जी कम्पनी के एजेण्ट रामनरेश वर्मा पुत्र स्व. जगदीश प्रसाद निवासी ग्राम बरोलिया थाना बदोसराय जनपद बाराबंकी द्वारा कूटरचित बांड देकर 1,25,000 रूपए छल एवं धोखाधड़ी करके ले लिये एवं कम्पनी बंद कर के कम्पनी मालिक भाग गये। उक्त तहरीर पर थाना बदोसराय में गम्भीर धाराओं में केस लिखा गया था।डिजिटल डेटा व मैनुअल इंटेलीजेन्स के आधार पर गुरुवार को फर्जी एलयूसीसी कम्पनी बनाकर धोखाधड़ी करने वाले पांच व्यक्तियों संजीव कुमार वर्मा पुत्र कमलेश चन्द्र निवासी इब्राहिमपुर मजरे साढेमऊ थाना फतेहपुर जनपद बाराबंकी (कम्पनी का उप जनपद हेड), स्वामी दयाल मिश्रा पुत्र तुलसीराम निवासी भवानीपुरवा मजरे केवलापुर थाना सफदरगंज जनपद बाराबंकी (मैनेजर), रामशरण वर्मा पुत्र सुंदर लाल निवासी घिसियावन पुरवा मजरे मुरलीगंज थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी (मैनेजर), रामनरेश वर्मा पुत्र स्व. जगदीश प्रसाद निवासी बरौलिया थाना बदोसराय जनपद बाराबंकी (एजेण्ट/कलेक्शन कर्ता) और मनोज कुमार मौर्या पुत्र भीकू मौर्या निवासी अहमदपुर थाना जैदपुर जनपद बाराबंकी (मैनेजर) को गिरफ्तार कर कब्जे से 33 अदद पासबुक, पांच बाण्ड पेपर,एक एमजी हेक्टर की ईवी कार,एक फार्च्यूनर कार बरामद की गई।पकड़े गए पांच अभियुक्तों ने बताया कि विभिन्न जनपदों व अन्य प्रदेशों में फर्जी कम्पनी द लोनी अर्बन मल्टीस्टेट क्रेडिट एंड थिफ्ट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (एलयूसीसी) के नाम से ऑफिस खोलकर कम्पनी का जनपद मुख्य प्रबन्धक अपने नीचे डाउनलाइ एजेण्ट के रूप में जोड़कर उनके माध्यम से जनता के मध्य जाकर विभिन्न स्कीमों के माध्यम से जनता के भोले भाले लोगों को रुपये दोगुना करने का लालच देकर फर्जी बांड बनाकर मेच्योरिटी का पैसा देने का वादा कर धोखाधड़ी करते हैं। कम्पनी के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में उल्लेखित मुख्यालय का पता द्वितीय फ्लोर, सी-8 ओसियन प्लाजा, शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-2, शाहिबाबाद जनपद गाजियाबाद की तस्दीक की गई तो वहां पर इस नाम की कोई कम्पनी संचालित नहीं है। यह कम्पनी फर्जी तरीके से बैंकिंग का काम करती है जिसका पंजीकरण आरबीआई में नहीं है।जब पीड़ित उनसे अपनी स्कीम के पूरा होने पर पैसे वापस मांगते हैं तो उन्हें पैसा देने में आना कानी कर छल करते हैं।अभियुक्तो द्वारा कूटरचित दस्तावेज बनाकर अभी तक 1500-2000 लोगों से पैसा जमा कराकर धोखाधड़ी की गई।जिसमें उत्तम सिंह राजपूत एवं संजीव कुमार वर्मा मुख्य अभियुक्त हैं।कम्पनी के विरुद्ध उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश,राजस्थान आदि प्रदेशों में कई अभियोग पंजीकृत है जिनसे सम्पर्क किया जा रहा है।विवेचना के दौरान थाना बदोसराय मे धोखाधड़ी का शिकार हुए चार अन्य लोगो द्वारा अभियुक्तगण के विरुद्ध तहरीर दी गई जिसके आधार पर थाना बदोसराय पर अभियोग पंजीकृत किए गए।
