नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से बनवाये जा रहे नाले का चेयरमैन रामशरण पाठक ने किया स्थलीय निरीक्षण
नाला के घटिया निर्माण कार्य को देखकर जताई कड़ी नाराजगी
कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे जाने की कही बात
रिपोर्ट- अशोक कुमार सिंह
रामनगर बाराबंकी। नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) की ओर से बनवाये जा रहे नाले का चेयरमैन रामशरण पाठक ने स्थलीय निरीक्षण किया।उन्होने नाला के घटिया निर्माण कार्य को देखकर कड़ी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे जाने की बात कही है।नगर पंचायत रामनगर के अन्तर्गत केसरीपुर मोड़ से महादेवा जाने वाले मुख्य मार्ग पर जल निकासी के लिए नाले का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।कार्यदायी संस्था के ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की साठगांठ से निर्माण में पीली ईंट का प्रयोग किया जा रहा है।नीचे गिट्टी डालने की जगह महा घटिया ईट का अदृधा बिछाया जा रहा है।सीमेंट का मिक्सचर लगभग न के बराबर है।लोगो की शिकायत पर चेयरमैन श्री पाठक ने नाले का स्थलीय निरीक्षण किया तो निर्माण कार्य की हकीकत देखकर वह दंग रह गये।।पीली ईंट और घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल होते पाया गया।जिस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने उचाधिकारियों को पत्र लिखे जाने की बात कही।इस संबंध में पूछे जाने पर काम करवा रहे सुरेंद्र वर्मा ने दूरभाष पर बताया इसका टेन्डर बहुत पहले हुआ था।सौ मीटर बन गया था सौ मीटर अब बनाया जा रहा है।प्राप्त विवरण के अनुसार अधिकारियो की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे है।अब सवाल इस बात का है कि जब कोई कार्यदायी संस्था किसी ठेकेदार को टेंडर देती है उसी समय कार्य पूर्ण करने की अवधि निर्धारित कर दी जाती है।छोटे प्रोजेक्ट मे बताया जाता है कि तीन माह का समय दिया जाता है।टेंडर हुए कई वर्ष बीत गये निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका तो विभाग ने संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध कोई कदम नही उठाया गया।अब किन परिस्थितियों में उसे दोबारा काम करने की इजाजत दी गई यह तो विभाग जाने लेकिन प्रदेश सरकार को ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध संज्ञान लेना चाहिये।प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टॉलरेंस की बात कर रहे है दूसरी तरफ भ्रष्ट और बेलगाम अधिकारी पूरी तरह से मनमानी पर उतारा है।
