केडी सिंह बाबू को मिले देश का सर्वाेच्च सम्मान अरविंद सिंह गोप
पुण्यतिथि पर केडी सिंह बाबू को मरणोपरान्त भारत रत्न देने की उठी मांग
केडी सिंह बाबू की पुश्तैनी कोठी को संग्राहलय बनाने पर
सीएम को सराहा
रिपोर्ट-अकरम खान
बाराबंकी। हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी एवं पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान पद्मश्री कुंवर दिग्विजय सिंह ‘केडी सिंह बाबू’ की 46वीं पुण्यतिथि पर उनकी स्मृति में के.डी सिंह बाबू जन्मशताब्दी समिति द्वारा देवा रोड स्थित गांधी भवन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में केंद्र सरकार से उन्हें मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की जोरदार मांग की गई। समिति के संरक्षक पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द कुमार सिंह गोप ने स्व. के.डी सिंह बाबू को आधुनिक हॉकी का जनक और सामाजिक न्याय एवं समाज का अगुआ बताया।उन्होने कहाकि केडी सिंह साहब हॉकी के बड़े खिलाड़ी थे।वह बड़े दिल के इंसान भी थे।खेल जगत मे उन्होने बाराबंकी को विश्व स्तरीय जो सम्मान दिलाया उसके लिए जिले का हर एक नागरिक कृतज्ञ है।केडी सिंह बाबू जन्मशताब्दी समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद सीपी चन्द,स्थानीय जनप्रतिनिधियो और जनता की मांग पर राज्य सरकार ने केडी सिंह बाबू के पुश्तैनी घर को राष्ट्रीय स्मारक और संग्रहालय बनाने का फैसला लिया, जो बहुत ही सराहनीय कार्य है।स्मारक बनने के बाद केडी सिंह बाबू की स्मृतियों को सहेजा जा सकेगा।श्री गोप ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि केडी सिंह बाबू की जन्मशताब्दी वर्ष के अर्न्तगत उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न देने और उनके नाम पर डाक टिकट जारी करने की अनुशंसा केन्द्र सरकार से करे।कार्यक्रम संयोजक राजनाथ शर्मा ने कहाकि केडी सिंह बाबू के व्यक्तित्व में बहुत खूबियां थी।उन्होंने भारत को खेल मानचित्र पर पहचान दिलाई।उनके खेल को केन्द्र सरकार द्वारा उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल है। जिसकी विश्वसनियता को बनाए रखने के लिए केडी सिंह बाबू जैसे दिग्गज खिलाड़ी को भारत रत्न से नवाजा जना चाहिए। श्री शर्मा ने कहा कि समिति के संयोजक एवं भाजपा के एमएलसी सीपी चन्द सरकार का ध्यानाकर्षण करने के लिए सदन में केडी सिंह बाबू को मरणोपरांत भारत रत्न दिलाए जाने संबंधी सवाल उठाएंगे।सभा की अध्यक्षता एमजी स्पोर्ट्स क्लब के अध्यक्ष एवं पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी सलाहउद्दीन किदवई ने की।श्री किदवई ने कहा कि जिस समय केडी सिंह बाबू हाकी से जुड़ें,उस वक्त तक भारत मे हॉकी का आधुनिकरण नही हुआ था।इसके बाद भी उन्होने भारत का मान बढ़ाया था और वह आज की हॉकी की नींव है।मौके पर समाजसेवी विनय कुमार सिंह,मृत्युंजय शर्मा, शिवशंकर शुक्ला,हसमत अली गुड्डू,विजय कुमार सिंह मुन्ना,संतोष रावत,नसीम कीर्ति, सत्यवान वर्मा, वीरेन्द्र प्रधान,अमित सिंह,सुहैल अहमद किदवई,पाटेश्वरी प्रसाद,प्रशान्त पाण्डेय,राजू सिंह,अशोक जायसवाल, साकेत संत मौर्य,राजेश यादव सहित अन्य कई लोग मौजूद थे।
