संसद के भीतर ओवैसी ने जानबूझकर दिया है जय फिलिस्तीन का नारा वसीम राईन
ओछी राजनीति से बाज आकर देश के मुसलमानो का ख्याल करे उवैसी
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-अकरम खान
बाराबंकी। संसद के भीतर जय फिलिस्तीन का नारा ओवैसी ने जानबूझकर दिया है। साबित है कि कहीं उनके आका भी बैठे हुए हैं जिनके इशारे पर वह ऐसी हरकत कर बैठे। देश के मुसलमान की बुनियादी दिक्कतों को भूल कर ओवैसी अगर जय फिलिस्तीन के नारे लगा रहे तो उनकी इस कौम के प्रति कथित हमदर्दी पर सवालिया निशान लगना भी गलत नही।यह बात आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने अपने बयान में कही है।उन्होने कहाकि ओवैसी कुछ भी यूं ही नही करते बल्कि कोई न कोई वजह जरूर होती है। उन्होंने जय फिलिस्तीन का नारा देकर यह जरूर साबित कर दिया कि वह किसी जगह बैठे आका के इशारे पर काम कर रहे है।वैसे भी ओवैसी का बेसिक ज्ञान भी बहुत कमजोर है।उन्हे यह याद कर लेना चाहिए कि फिलिस्तीन ने इजराइल से चल रहे युद्ध को खुद न्योता दिया है।उनके यहां पल रहे हमास जैसे आतंकी संगठन ने इजराइली नागरिकों पर क्रूर हमला कर अगवा कर लिया और खुली जंग छेड़ दी।लिहाजा इजराइल को भी खुद का बचाव करना पड़ा और ऐसा कोई भी देश करता।इन हालात मे भी ओवैसी अगर फिलिस्तीन के साथ खड़े है तो उनकी राष्ट्रीयता पर भी सवालिया निशान लग जाते हैं।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहाकि ओवैसी देश के मुसलमानों के पिछड़ेपन,शैक्षिक अभाव,बुनियादी दिक्कतों व उनके उत्थान पर बात व संघर्ष करने की जगह विश्व स्तर की राजनीति कर रहे हैं जबकि खुद एक राज्य तक ही सिमटे हुए हैं।ओवैसी को ओछी राजनीति से बाज आना चाहिए और देश के मुसलमानों का ख्याल करना चाहिए न कि बेजा हरकते कर देश को शर्मिंदा करने व संसद को अपनी पसंद का अखाड़ा बनाने का।