आरक्षण के कथित बवाल से मुसलमानो को पड़ने की जरूरत नही वसीम राईन
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-अकरम खान
बाराबंकी। मुसलमानों को आरक्षण के कथित बवाल में पड़ने की आखिर जरूरत ही क्या है।उन्हे फिर एक बार गुमराह होने से बचना होगा क्योकि वह पहले से ही आरक्षण के तहत ओबीसी कोटे में रहते हुए सभी तरह के लाभ पा रहे है।अगर वह फिर गुमराह हुए तो बड़ी साजिश का शिकार होंगे और उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। गठबंधन के दलों की मंशा भी यही है। अशराफ पसमांदा को भ्रम में डालकर सत्ता के खिलाफ खड़े होने की साजिश कर रहे और उनका मकसद पीएम मोदी का विरोध है जबकि इन्हे मोदी सरकार मे ही ईडब्ल्यूएस में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया गया।यह बात आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने अपने बयान मे कही है।उन्होने कहाकि आरक्षण के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग से होने का प्रमाण पेश कर पसमांदा मुसलमान पहले से ही हर क्षेत्र में अगड़ी पंक्ति में खड़ा है वह चाहे जो पेशा हो या सेवा क्षेत्र। वह खासकर पढा लिखा, काबिल और हुनरमंद मुसलमान किसी की दया का मोहताज नही है।अब सवाल यह उठता है कि उसे अब आरक्षण के बवाल में पड़ने की जरूरत क्यो आन पड़ी।मुसलमान को हकीकत जानने व समझने की जरुरत है। गठबंधन की सबसे शातिर पार्टी कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने यह चाल चली है और अफवाह उड़ा दी कि भाजपा सरकार आरक्षण खत्म करने जा रही,ताकि आरक्षण के फसाद में पड़कर मुसलमान गुमराह हो जाये और खुद का नुकसान कर बैठे जबकि सरकार का मत यह है कि वह कोई नए आरक्षण पर विचार नही कर रहे। बस इतनी सी बात है।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि हैरत तो उन अशराफ मुसलमानों की कुटिल चाल पर हो रही जो पहले से ही मोदी सरकार द्वारा दी गई ईडब्ल्यूएस की श्रेणी में शामिल होकर आरक्षण का लाभ उठा रहे है जबकि पूर्ववर्ती सरकारो ने उन्हे यह लाभ नही दिया।अब अशराफ के निशाने पर पसमांदा मुसलमान है, साजिश यह कि आरक्षण के बवाल में पड़कर मुसलमान आपा खो बैठे और सत्ता से बगावत कर न घर का रहे और न घाट का। शातिर दल चुनाव के समय शतरंज की चालें चलने में मशरूफ है वह मुसलमान को सिर्फ भड़काने का काम कर रहे और उनकी इस चाल में अशराफ हमकदम हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस व अन्य दलों की साजिश से पसमांदा को सतर्क होना होगा, बड़ी आबादी देखते हुए यह लोग गुमराह करने के फेर में लगे हुए हैं। मुद्दाविहीन यह दल अपना मकसद सफल होते न देख तरह तरह के तिकड़म भिड़ा रहे हैं जिससे पसमांदा को बचना होगा।
