इब्राहिमाबाद की आन बान शान समाजसेवा के प्रेरणास्त्रोत” कर्बला सिविल लाइन्स बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले हर दिल अज़ीज़ चचा अहसन रिज़वी नही रहे,बड़े मजमे में किये गए सुपुर्दे खाक
बाराबंकी। इस ज़िले में ऐसी शख्सियतो की कोई कमी नही है उसी में एक थे इब्राहिमाबाद निवासी सैयद मोहम्मद अहसन रिज़वी,लोगो की मदद,खुद भूखे रह ले लेकिन सामने वाला भूख नही रह सकता,एक जज़्बा एक मिसाल ज़िले की आन बान शान चचा अहसन रिज़वी ने बीते शनिवार शाम 5 बजे दयाये अजल को लब्बैक कहा,आज बड़े मजमे के बीच इब्राहिमाबाद में बाद में सुपुर्द खाक किया गया।वो अपने पीछे तीन बेटे अली मिया रिज़वी,फ़ैज़ी रिज़वी,कैफ़ी रिज़वी के अलावा 3 बेटियां छोड़ गए हैं।चचा अहसन यह नाम सिर्फ एक नाम नहीं है, बल्कि एक प्रेरणा का प्रतीक थे। यह नाम इब्राहिमाबाद के समाज में उम्मीद, संघर्ष और सेवा की भावना को स्थापित करता है। अहसन का अर्थ है ‘करुणा’, ‘मेहरबानी’ और ‘नेकी’। यह नाम समाज के लिए काम करने वाले व्यक्ति की आत्मा को प्रेरित करता है, जिसने अपने जीवन को समर्पित किया है समाज की सेवा में।बाराबंकी में कर्बला सिविल लाइन्स के निर्माण में उनकी अहम भूमिका रही है,वक़्फ़ खोरो और अतिक्रमण करियो के धमकियों को सुनकर उनको बर्दाश्त नही हुआ अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर कर्बला की सुरक्षा में कई बार खड़े रहते थे,हर वक़्त दुआ किया करते थे,सर पर लब्बैक या हुसैन की पट्टी बांधकर बैठते थे,यही ज़बान पर रहता था कर्बला की ज़मीन बचाने के लिए अगर जान भी चली जाय तो कोई परवाह नही।कर्बला में होने वाले तमीरी कामो में अपना काफी वक्त दिया कर्बला सिविल लाइन्स बाराबंकी के पीछे के गेट बाबुल हवाईज को देख कर इतना मुतास्सिर हुए की बेटे फ़ैज़ी रिज़वी ने उनकी खवाहिश और दिलचस्पी को देखते हुए वैसे ही डिज़ाइन का गेट इब्राहिमाबाद की कर्बला गेट बनवाकर उनकी तमन्ना को पूरी किया था।चचा अहसन को समाज घर खानदान के असहाय और गरीबों के प्रति एक विशेष ध्यान और समर्पण की भावना थी। वे अपने जीवन को उन लोगों की सेवा में समर्पित करते हैं जो अपने आप को समर्थ नहीं महसूस करते हैं।चचा अहसन की सेवा एक जीवनशैली थी,जो समृद्धि और समृद्धि की दिशा में नहीं, बल्कि समाज की उन आवाजों की ध्यान में होती है जो सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है।चचा अहसन रिज़वी जीवन के हर क्षण में समाज की सेवा के लिए तैयार रहते हैं, चाहे वह आर्थिक, शैक्षिक, या स्वास्थ्य सेवा हो। जो अपने जीवन को उन लोगों की सेवा में समर्पित करते हैं जो उनकी सहायता की आवश्यकता है।चचा अहसन का महत्व पहचान और परिचय के साथ उसके जीवन के हर क्षण में उसके साथ बना रहता है।सैयद अहसन रिज़वी का जन्म सैय्यद ऐनूल हसन रिज़वी के सम्मानजनक और समृद्ध इब्राहिमाबाद के परिवार में हुआ था। उनका बचपन से ही समाज सेवा और नेकी के क्षेत्र में रुचि थी। उन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित कर दिया और उनके परिश्रम का परिणाम यह है कि वे आज भारतीय समाज में एक महान समाज सेवक के रूप में मान्यता प्राप्त कर चुके हैं।चचा अहसन रिज़वी ने अपने जीवन के सभी चरणों में समाज की सेवा का मार्ग अपनाया है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में कई सामाजिक कार्यों को संचालित किया है, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीबों की सहायता, और मानवीय सेवा। उन्होंने अपनी विशेष ध्यासस्थली बनाई है जहां वे गरीब और असहाय लोगों की मदद के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं।सैयद अहसन रिज़वी एक ऐसे महान समाज सेवक हैं जिन्होंने अपने जीवन को समाज की सेवा में समर्पित किया है। उनके प्रयासों ने लाखों लोगों की जिंदगी को सुधारा है और उन्हें एक बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। उनके योगदान को सम्मान और सराहना की आवश्यकता है, और हमें उनके जैसे दूसरे समाज सेवकों को भी प्रेरित करना चाहिए।आपसे गुज़ारिश है नमाज़े वहश्ते, सुराए फ़ातेहा, सैय्यद मोहम्मद अहसन रिज़वी इब्ने सैयद एनुल रिज़वी को पढ़कर इसाले सवाब कर दीजिए।
