बरसात व तेज हवाओं के झोंकों ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-सचिन गुप्ता
सिरौलीगौसपुर बाराबंकी। रुक रुक कर हुई बरसात व तेज हवाओं के झोंकों ने किसानो पर जमकर कहर बरपाया है,खेतो में खड़ी धान की फसल चटाई की तरह लेट गई ।बुधवार की देर रात से बृहस्पतिवार की दोपहर तक रुक रुक कर हुई बरसात व तेज हवाओं के झोंकों की जद में आने से किसानों की गाढ़ी कमाई से तैयार की गई धान की फसल में जब बालियां निकलने का समय आया तो वह चटाई की तरह खेतों में ही बिछ गई जिससे किसानों के आगे का निवाला छिनता जा रहा है किसान हमेशा घाटे की खेती करते चले आ रहे हैं।विगत वर्षों फसल काटने के समय ओलावृष्टि से रवी की फसल नष्ट हो गई थी इधर तेज हवा के साथ हुई बरसात ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया।किसानों का कहना है कि यदि इसी तरह से बरसात होती रही तो खेतों में पड़ी धान की फसल सड़ना शुरू हो जाएगी जिसकी बर्बादी को कोई नहीं रोक पाएगा इसके अतिरिक्त आशा के अनुरूप पैदावार नहीं हो पाएगी।धान की फसल मे दानों का समुचित विकास न होने की स्थिति में धान मे फरहा बढ़ जाएगा।
