पत्रकारों का 18 अगस्त को बनेगा आयुष्मान कार्ड,
डीएम ने पत्रकारों के लिए वाचनालय बनवाने का दिया भरोसा
उप्र0 एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के पदाधिकारियों ने डीएम को सौंपा पत्रकार हितों का सात सूत्रीय ज्ञापन
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-अकरम खान
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट(UPAJ) की बाराबंकी इकाई के पदाधिकारियों ने पत्रकार हितों को लेकर जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार को ज्ञापन सौंप कर सात सूत्रीय मांगें रखी। उपज के जिला संयोजक दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकारों का कैशलेस इलाज की व्यवस्था व पत्रकारों को आयुष्मान कार्ड जारी करने का अनुरोध किया। मांग पर तत्काल जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी एवं राष्ट्रीय हेल्थ मिशन के अधिकारियों से वार्ता करके पत्रकारों का आयुष्मान कार्ड जारी करने के निर्देश दिए। डीएम ने 18 अगस्त को सूचना कार्यालय में शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाने का आदेश दिया। उपज के जिलाध्यक्ष नितिन श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पत्रकारों के हित, अधिकारों जनहित के मुद्दों को लेकर उपज संगठन कार्य कर रहा है। संगठन पत्रकार हितों को लेकर आपसे मांग करता है कि विभिन्न विभागों, अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशानुरूप कार्यों में लापरवाही की जाती है, अनेक तरह के भ्र्ष्टाचार के मामले पत्रकारों द्वारा प्रकाशित किये जाते हैं। समाचारों का संज्ञान लेकर सम्बंधित अधिकारियों व विभागों पर किसी प्रकार की कार्यवाही नही होती है । संगठन मांग करता है कि पत्रकारों द्वारा प्रकाशित की जा रही भ्र्ष्टाचार व अन्य जनहित के समाचारों का संज्ञान लेकर कार्यवाही की जाए। उपज के जिला महामंत्री रत्नेश कुमार ने जिलाधिकारी से मांग किया कि प्रदेश के अधिकांश जनपदों में पत्रकारों को समाचार संकलित करने व पत्रकारों के एक कार्यालय वाचनालय के लिए प्रेस क्लब बने हुए हैं।जनपद बाराबंकी में पत्रकारों के लिए ऐसी कोई भी सुविधा नही है, जहाँ वे बैठकर अपने समाचारों को लिख सकें व सम्पादन कर सकें। जिलाधिकारी ने माग पर तत्काल कार्यवाही करते हुए सूचना विभाग के परिसर में पत्रकारों के लिए वाचनालय बनवाने के लिए आश्वस्त किया और कहा कि जिले के सांसद/विधायक से पांच लाख निधि की मांग संगठन कर ले निधि प्राप्त होते ही वाचनालय का कार्य शुरु करा दिया जायेगा।उपज के उपाध्यक्ष वरिष्ठ सतीश कश्यप ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि पत्रकार अत्यल्प आमदनी में अपने परिवार का भरण पोषण करता है, वह मंहगी फीस पर अपने बच्चों को अच्छे निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाकर शिक्षा नही दिला पाता है। संगठन मांग करता है कि पत्रकारों के पाल्यों को सरकारी व निजी स्कूलों में कम से कम 50 प्रतिशत फीस में छूट प्रदान किया जाए। जिलाधिकारी ने मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया। वहीं मान्यता प्राप्त पत्रकारों को बस में निःशुल्क यात्रा करने एवं उनके लिए सीट आरक्षित रखने का शासनादेश है, किंतु परिवहन निगम की बसों में मान्यता प्राप्त पत्रकार के लिए सीट आरक्षित नही की जा रही है,जबकि पहने बसों में आरक्षित सीट लिखा होता था। पत्रकार को बसों में सीट नही मिलती है।संगठन ने मांग किया कि परिवहन निगम की बसों में सीट आरक्षित की जाए। पत्रकार जितेंद्र मौर्य ने बताया कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों को सपरिवार रेल यात्रा में 50 प्रतिशत की टिकट में छूट प्राप्त थी किंतु कोविड-19 के संक्रमण काल मे यह छूट रदद् कर दी गई है। संगठन मांग करता है कि रेल यात्रा में पत्रकारों को मिलने वाली छूट को बहाल किया जाए। तथा जिला स्तरीय स्थाई समिति की बैठकें नियमित नही होती हैं, जिसकी नियमित त्रैमासिक बैठक कराई जाए। पत्रकारों के साथ जिला प्रशासन का समन्वय स्थापित हो, समय समय पर उन्हें विभागीय जानकारी व योजनाओं लक्ष्य व उद्देश्यों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साझा किया जाए जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।इस मौके पर पत्रकार रीतेश श्रीवास्तव, सुनील कुमार सोनी सहित तमाम पत्रकार उपस्थित रहे।
