आपसी सौहार्द एवं भाईचारे की मिसाल है हजरत सैयद सालार साहू गाज़ी की दरगाह शरीफ मोहम्मद नदीम
उर्स के उद्घाटन के मौके पर सतरिख पहुंचे राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-अकरम खान
बाराबंकी। कस्बा सतरिख स्थित हजरत सैयद सालार साहू गाज़ी (रह) ‘‘बूढ़े बाबा’’ की दरगाह शरीफ सौहार्द एवं भाईचारे की मिसाल है यहां आकर श्रद्धालुओं के मन को शान्ति मिलती है।यही कारण है कि दिन ब दिन प्रत्येक धर्म एवं समुदाय के जायरीनों की संख्या बढ़ती ही जा रही हैं और दूर दराज से लोग आकर ‘‘बूढ़े बाबा’’ के आस्ताने पर माथा टेकते हैं अपनी मनोकामनायें व्यक्त करने के साथ अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।यह बात कस्बा सतरिख स्थित दरगाह शरीफ ‘‘बूढ़े बाबा’’ पर वार्षिक उर्स,मेले के उद्घाटन अवसर पर जायरीनों के मध्य मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश मोहम्मद नदीम ने कही।उन्होने कहाकि यहां आकर सदभावना एवं प्रेम का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलता है,सभी धर्मो के लोग एक दूसरे से कांधे से कांधा मिलाकर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं।श्री नदीम ने कहाकि बुजुर्गों के रास्ते पर चल कर अमन-ओ-शान्ति का वातावरण पैदा किया जा सकता है जिसकी आज समाज को अत्यन्त आवश्यकता है।मुख्य अतिथि ने आस्ताने पर फूलों की डाली एवं चादर पोशी की और मुल्क-ओ-कौम की अमन-ओ-सलामती की दुआएं मांगी। इसके पश्चात मुख्य अतिथि ने ‘‘बूढ़े बाबा’’ के आस्ताने पर हो रही सूफियाना कव्वालियों का लुफ्त लिया।इससे पूर्व प्रबन्ध कमेटी के सचिव चौधरी कलीम उद्दीन उस्मानी,मोहम्मद रियाज़,प्रभारी मेला सरफराज़ अहमद खॉ,फरज़ान उस्मानी,असगर अली अंसारी, फौज़ान उस्मानी,शुजा अहमद,राम सिंह,अनिल पांडेय,पप्पू मियां शरीफाबादी,विशम्बर यादव,मोहम्मद तुफेल,सद्दाम हुसैन, राशिद,हाफिज अब्दुल खालिक,सुन्दर लाल,तनवीर अहमद, शेख असद,रेहान,खालिद,अशफाक अली आदि ने मुख्य अतिथि को फूल माला पहना कर व बुके देकर भव्य स्वागत किया।इसके बाद रात्रि 11:00 बजे कुल शरीफ का आयोजन किया जायेगा।जिसमें विभिन्न मौलानाओं,कारी,नातख़्वा अपने कलाम पेशा करने के साथ ही कुरान शरीफ की तिलावत की जायेगी।जिसके बाद जायरीनों को प्रसाद स्वरूप तन्दूरी रोटी व चने की दाल तकसीम की जायेगी।
