पक्के तालाब पर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई विनय दशमी का पर्व
रिपोर्ट-अज़मी रिज़वी-अशोक कुमार सिंह
रामनगर बाराबंकी। धर्म की अधर्म पर गर्व की अहंकार पर अच्छाई की बुराई पर सत्य की असत्य पर और अंधकार पर उजाले के प्रतीक के रुप में विजय दशमी का पर्व पक्के तालाब पर विगत वर्षों की तरह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।राजकुमार रत्नाकर के देहान्त के बाद पहली बार रानी मृणालिनी सिंह ने परम्परागत तरीके से बाखूबी रामलीला के कार्यक्रम को सम्पन्न करवाया।नगर पंचायत रामनगर के हनुमान मंदिर स्थित पक्के तालाब पर भगवान श्रीराम ने जैसे ही रावण के पुतले में आग लगाई पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा।इसके पूर्व राम-रावण के भयंकर युद्ध का भी दर्शकों ने आनंद उठाया।राम और रावण के बीच चल रहे युद्ध को देखने के लिए क्षेत्र की भारी भीड़ मेला मैदान में जुटी थी।मेले में सजी दुकानों पर लोगों ने खूब खरीदारी भी की।बुधवार को शुरु हुये कार्यक्रम का रविवार को भरत मिलाप और श्री राम के राज्याभिषेक के साथ समापन हो गया।
